PM Vidyalaxmi Yojana 2026: ₹10 लाख तक 3% ब्याज सहायता, बिना गारंटी शिक्षा लोन, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी

By Priyanshu Kumar

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PM Vidyalaxmi Yojana 2026

PM Vidyalaxmi Yojana 2026: अगर आप उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई कर रहे हैं और फीस व दूसरे खर्चों के लिए शिक्षा लोन की जरूरत है, तो प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इस योजना में चुने गए गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी योग्यता के आधार पर प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए बिना जमानत और बिना गारंटर शिक्षा लोन की सुविधा रखी गई है।

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इसके अलावा, जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय ₹8 लाख तक है, उन्हें ₹10 लाख तक के शिक्षा लोन पर 3% ब्याज सहायता मिल सकती है। वहीं ₹7.5 लाख तक के शिक्षा लोन पर सरकार की ओर से 75% तक की क्रेडिट गारंटी का प्रावधान है। सबसे जरूरी बात यह है कि ₹10 लाख शिक्षा लोन की अधिकतम सीमा नहीं है। योजना के तहत शिक्षा लोन की कोई तय ऊपरी सीमा नहीं रखी गई है। लोन की राशि संबंधित संस्थान की फीस और पढ़ाई के दूसरे जरूरी खर्चों के आधार पर तय होगी।

PM Vidyalaxmi Yojana 2026

प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसे 6 नवंबर 2024 को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य यह है कि पैसों की कमी के कारण योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहें। योजना में देश के चुने गए 860 गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इन संस्थानों में प्रवेश पाने वाले योग्य छात्रों के लिए शिक्षा लोन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत हर साल 22 लाख से ज्यादा छात्रों को कवर करने का लक्ष्य बताया गया है। यह योजना अनुसूचित बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के लिए लागू है।

PM Vidyalaxmi Yojana 2026

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में शिक्षा लोन कितना मिलेगा?

इस योजना को समझते समय सबसे ज्यादा भ्रम ₹10 लाख की सीमा को लेकर होता है। योजना में शिक्षा लोन की कुल राशि की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। कितने रुपये का लोन मिलेगा, यह संबंधित गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थान की फीस और पढ़ाई के दूसरे जरूरी खर्चों पर निर्भर करेगा। लोन में इन तरह के खर्च शामिल हो सकते हैं:

  • संस्थान की फीस
  • छात्रावास की फीस
  • मेस का खर्च
  • संस्थान की दूसरी वापसी योग्य और गैर-वापसी योग्य फीस
  • उचित स्तर के लैपटॉप की कीमत
  • पढ़ाई के दौरान जरूरी रहने का उचित खर्च

₹10 लाख की सीमा किस चीज के लिए है?

₹10 लाख की सीमा 3% ब्याज सहायता के लिए है। उदाहरण के लिए, अगर किसी पात्र छात्र का शिक्षा लोन ₹15 लाख है, तो 3% ब्याज सहायता की गणना अधिकतम ₹10 लाख तक की पात्र लोन राशि पर होगी।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में बिना गारंटी लोन मिलेगा?

हां। योजना में गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी योग्यता के आधार पर प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए बिना जमानत और बिना गारंटर शिक्षा लोन का विशेष प्रावधान है। शिक्षा लोन के लिए परिवार की आय की कोई ऊपरी सीमा नहीं रखी गई है। यानी केवल ₹8 लाख से कम आय वाले छात्र ही शिक्षा लोन ले सकते हैं, ऐसा नहीं है। सभी आय वर्ग के छात्र योजना की बाकी शर्तें पूरी होने पर शिक्षा लोन के लिए पात्र हो सकते हैं।

आसान भाषा में: ₹8 लाख की आय सीमा मुख्य रूप से 3% ब्याज सहायता के लिए है, सामान्य शिक्षा लोन के लिए नहीं।

3% ब्याज सहायता किसे मिलेगी?

जिस छात्र की सालाना पारिवारिक आय ₹8 लाख तक है और वह योजना में शामिल गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थान में पढ़ाई कर रहा है, उसे ₹10 लाख तक के शिक्षा लोन पर 3% ब्याज सहायता मिल सकती है। अगर शिक्षा लोन ₹10 लाख से ज्यादा है, तो ब्याज सहायता की गणना अधिकतम ₹10 लाख तक की वितरित मूल लोन राशि पर होगी।

3% ब्याज सहायता कितने समय तक मिलेगी?

3% ब्याज सहायता स्थगन अवधि के दौरान दी जाएगी। स्थगन अवधि का मतलब है पाठ्यक्रम की अवधि + 1 साल। लेकिन इसके लिए छात्र को अपना पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।

₹4.5 लाख तक आय वाले छात्रों के लिए क्या है?

जिन छात्रों की सालाना पारिवारिक आय ₹4.5 लाख तक है और वे स्वीकृत संस्थानों से तकनीकी या व्यावसायिक डिग्री पाठ्यक्रम कर रहे हैं, उनके लिए पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत स्थगन अवधि के दौरान ₹10 लाख तक के शिक्षा लोन पर 100% ब्याज सहायता का प्रावधान है। आसान तरीके से:

सालाना पारिवारिक आयतकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमअन्य पाठ्यक्रम
₹4.5 लाख तक100% ब्याज सहायता — पीएम-यूएसपी सीएसआईएस3% ब्याज सहायता — पीएम विद्यालक्ष्मी
₹4.5 लाख से ₹8 लाख3% ब्याज सहायता — पीएम विद्यालक्ष्मी3% ब्याज सहायता — पीएम विद्यालक्ष्मी

₹7.5 लाख तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी

अगर शिक्षा लोन की स्वीकृत राशि ₹7.5 लाख तक है, तो परिवार की आय की परवाह किए बिना छात्र क्रेडिट गारंटी के लिए पात्र होगा। इसमें सरकार की ओर से लोन में बकाया डिफॉल्ट राशि के 75% तक की गारंटी का प्रावधान है। ध्यान रखें कि यह क्रेडिट गारंटी है, छात्र के खाते में सीधे मिलने वाली अतिरिक्त राशि नहीं।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के लिए कौन पात्र है?

  • छात्र को भारत के योजना में शामिल गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश मिला हो।
  • प्रवेश अपनी योग्यता के आधार पर हुआ हो।
  • पाठ्यक्रम डिग्री या डिप्लोमा स्तर का हो।
  • प्रवेश खुली प्रतियोगी परीक्षा या मेरिट के आधार पर हुआ हो।

कौन-कौन से पाठ्यक्रम पात्र हैं?

  • स्नातक पाठ्यक्रम
  • स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम
  • डिप्लोमा पाठ्यक्रम
पढ़ाई भारत के उच्च शिक्षण संस्थान में होनी चाहिए। विदेशी संस्थानों और विदेशी परिसरों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।

कौन से कॉलेज और विश्वविद्यालय योजना में शामिल हैं?

हर कॉलेज या विश्वविद्यालय इस योजना में अपने आप शामिल नहीं है। गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची बनाने के लिए तीन मुख्य आधार रखे गए हैं:

  • शिक्षा मंत्रालय की नवीनतम एनआईआरएफ रैंकिंग में कुल, श्रेणी या विषय के आधार पर शीर्ष 100 संस्थान।
  • राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार के अधीन नवीनतम एनआईआरएफ सूची में शीर्ष 200 संस्थान।
  • भारत सरकार के अधीन बाकी उच्च शिक्षण संस्थान।

एक साल में कितने छात्रों को 3% ब्याज सहायता मिलेगी?

एक साल में अधिकतम 1 लाख नए छात्रों को 3% ब्याज सहायता देने का प्रावधान है। अगर आवेदन 1 लाख से ज्यादा आते हैं, तो तय प्राथमिकता के आधार पर छात्रों का चयन होगा।

चयन में किसे प्राथमिकता मिलेगी?

  1. राज्यों के बीच तय हिस्से के अनुसार आवेदन।
  2. सरकारी उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश पाने वाले छात्र।
  3. तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रम।
  4. सरकारी स्कूल से 12वीं पास छात्र।
  5. सरकारी स्कूल से 10वीं पास छात्र।
  6. ग्रामीण स्कूल से 12वीं पास छात्र।
  7. छात्राएं।

ब्याज दर कितनी होगी?

पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत शिक्षा लोन की ब्याज दर संबंधित बैंक की बाहरी रूप से तय लोन दर यानी ईबीएलआर + 0.5% से अधिक नहीं हो सकती। बैंक अपनी नीति के अनुसार इससे कम ब्याज दर भी रख सकता है।

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लोन चुकाने का समय कितना मिलेगा?

शिक्षा लोन की चुकौती अवधि 15 साल तक हो सकती है। इसमें स्थगन अवधि शामिल नहीं होगी। स्थगन अवधि का मतलब पाठ्यक्रम की अवधि + 1 साल है।

इस अवधि में शिक्षा लोन की बकाया मूल राशि पर साधारण सालाना ब्याज की गणना की जाती है। सरकार पात्रता के अनुसार 3% ब्याज सहायता देती है और बाकी ब्याज छात्र को देना होता है। स्थगन अवधि खत्म होने के बाद लोन की मूल राशि और बाकी ब्याज छात्र को बैंक के लोन समझौते के अनुसार चुकाना होगा।

PM Vidyalaxmi Yojana 2026 में आवेदन कैसे होगा?

  1. योजना में गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षा लोन के लिए एक एकीकृत पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल की व्यवस्था है।
  2. लोन आवेदन इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाना है। बैंक द्वारा लोन स्वीकृत और जारी होने के बाद उसकी जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
  3. पोर्टल का इस्तेमाल ब्याज सहायता के आवेदन, उसकी प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए भी किया जाएगा।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?

  • आधार
  • पैन कार्ड
  • पता प्रमाण
  • पिछली योग्यता की स्वप्रमाणित अंकतालिका
  • प्रवेश परीक्षा का परिणाम
  • संस्थान का प्रवेश पत्र
  • फीस की जानकारी
  • राज्य के अधिकृत सरकारी अधिकारी से आय प्रमाण-पत्र

परिवार की आय में किन लोगों को माना जाएगा? (Family Income)

योजना में परिवार की आय तय करने के लिए परिवार में छात्र, पिता, माता, पति या पत्नी को शामिल किया गया है।

ब्याज सहायता के लिए आवेदन कब करना होगा?

लोन के लिए आवेदन करते समय छात्र को पोर्टल पर अपनी सालाना पारिवारिक आय बतानी होगी। उस समय आय प्रमाण-पत्र अपलोड करना जरूरी नहीं है।

वित्तीय वर्ष में स्वीकृत और जारी किए गए शिक्षा लोन में जिन छात्रों की सालाना पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम है, उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार ब्याज सहायता के लिए उसी पोर्टल पर आवेदन करने की सूचना दी जाएगी। अगर छात्र तय समय के अंदर आवेदन नहीं करता है, तो उस साल ब्याज सहायता के लिए आवेदन करने का मौका नहीं मिलेगा।

ब्याज सहायता मिलने की प्रक्रिया क्या है?

इसे आसान भाषा में ऐसे समझें:

शिक्षा लोन आवेदन → बैंक से लोन स्वीकृति → लोन जारी → पोर्टल पर जानकारी → ब्याज सहायता के लिए आवेदन → दस्तावेजों की जांच → दूसरी योजनाओं से मिलान → चयन → डिजिटल वॉलेट में राशि → शिक्षा लोन खाते में भुगतान

दूसरी छात्रवृत्ति लेने वाले छात्रों के लिए क्या नियम है?

अगर छात्र केंद्र या राज्य सरकार की किसी दूसरी छात्रवृत्ति, ब्याज सहायता या फीस वापसी योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत ब्याज सहायता नहीं मिलेगी। आधार के जरिए केंद्र सरकार की योजनाओं में मिलान किया जाएगा। राज्य सरकार की योजनाओं के लिए छात्र से स्वयं-घोषणा ली जाएगी और बैंक भी प्रमाणित करेगा कि उसी पाठ्यक्रम के लिए दूसरी ऐसी शिक्षा लोन सुविधा नहीं दी गई है।

नोट: अगर किसी छात्र को पहली बार जांच में दूसरी योजना का लाभ मिलता हुआ पाया जाता है, तो उसे उपलब्ध योजनाओं में से एक चुनने का अवसर दिया जा सकता है।

पढ़ाई बीच में छोड़ने पर क्या होगा?

अगर छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ देता है या शैक्षणिक या अनुशासन से जुड़े कारणों से संस्थान से निकाल दिया जाता है, तो इस योजना के तहत ब्याज सहायता और क्रेडिट गारंटी का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन अगर पढ़ाई बीच में छोड़ने का कारण चिकित्सकीय है और संस्थान के प्रमुख की संतुष्टि के अनुसार जरूरी दस्तावेज दिए जाते हैं, तो लाभ दिया जा सकता है।

योजना का लाभ कितनी बार मिलेगा?

पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत ब्याज सहायता और क्रेडिट गारंटी का लाभ स्नातक, स्नातकोत्तर या एकीकृत पाठ्यक्रम में से किसी एक स्तर पर केवल एक बार दिया जाएगा।

ब्याज सहायता की राशि कैसे मिलेगी? (Disbursement)

ब्याज सहायता स्वीकृत होने के बाद छात्र को मोबाइल पर एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से ई-वाउचर/प्रोग्रामेबल सीबीडीसी वॉलेट से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। बैंक की ओर से दावा मिलने के बाद ब्याज सहायता की राशि छात्र के डिजिटल वॉलेट में जमा होगी। छात्र को इस राशि को अपने शिक्षा लोन के भुगतान के लिए इस्तेमाल करने का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद राशि सीधे शिक्षा लोन खाते में ब्याज भुगतान के लिए भेजी जाएगी।

3 महीने की समय सीमा जरूर याद रखें

अगर छात्र को डिजिटल वॉलेट में राशि मिलने के 3 महीने के अंदर उसे शिक्षा लोन खाते में इस्तेमाल करने का विकल्प नहीं चुनता है, तो राशि उच्च शिक्षा विभाग के खाते में वापस चली जाएगी। ऐसी स्थिति में उस शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्र को ब्याज सहायता नहीं मिलेगी।

1 लाख छात्रों का चयन कैसे होगा? (Selection of 1 Lakh Students)

हर साल 1 लाख नए छात्रों को 3% ब्याज सहायता देने का प्रावधान है। राज्यों के बीच सीटों का बंटवारा 18-23 वर्ष की आबादी के आधार पर किया जाएगा। अगर किसी राज्य में पर्याप्त आवेदन नहीं आते हैं, तो बची हुई सीटें दूसरे राज्यों को तय अनुपात के आधार पर दी जा सकती हैं।

कुछ प्रमुख राज्यों के स्लॉट

राज्य3% ब्याज सहायता के स्लॉट
उत्तर प्रदेश18,895
बिहार10,302
महाराष्ट्र8,512
पश्चिम बंगाल6,724
मध्य प्रदेश6,393
राजस्थान6,183
गुजरात4,764
तमिलनाडु4,590
कर्नाटक4,403
ओडिशा3,188
झारखंड3,132
असम2,657
तेलंगाना2,590
छत्तीसगढ़2,205
हरियाणा2,176
केरल2,070
पूरे भारत के लिए कुल स्लॉट 1,00,000 है।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना की संपर्क विवरण (Contact Details)

विभाग/संस्थाटेलीफोनईमेल
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रभाग, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय011-20862360es3.edu@nic.in
केनरा बैंक मुख्यालय080-22533876hoel@canarabank.com
PM Vidyalaxmi Yojana 2026

Conclusion

प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना का सबसे जरूरी फायदा यह है कि योजना में शामिल गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी योग्यता के आधार पर प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए बिना जमानत और बिना गारंटर शिक्षा लोन की सुविधा रखी गई है। शिक्षा लोन के लिए परिवार की आय की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।

इसके साथ ही, ₹8 लाख तक सालाना पारिवारिक आय वाले पात्र छात्रों को ₹10 लाख तक के शिक्षा लोन पर 3% ब्याज सहायता मिल सकती है। ₹7.5 लाख तक के शिक्षा लोन पर 75% तक की क्रेडिट गारंटी का भी प्रावधान है। लेकिन योजना का लाभ लेने से पहले तीन बातें सबसे पहले देखनी चाहिए—आपका संस्थान योजना की गुणवत्ता वाली सूची में है या नहीं, आपका प्रवेश मेरिट के आधार पर हुआ है या नहीं और आप दूसरी सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज सहायता का लाभ तो नहीं ले रहे हैं।

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Priyanshu Kumar

Hi, I'm Priyanshu Kumar, the founder of upsln.in. For the last 3 years, I’ve been writing about PM Yojana and Uttar Pradesh Government Schemes. Before publishing any article, I check the details using official government sources. My goal is to share clear, reliable, and useful information that helps readers understand government schemes, their benefits, eligibility, and how to apply.

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