UP Bal Seva Yojana 2026: अगर किसी बच्चे ने अपने माता-पिता को खो दिया है और उसे परिवार का सहारा नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे बच्चों की पढ़ाई, देखभाल और बेहतर भविष्य के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत पात्र बच्चों को उनकी जरूरत के हिसाब से आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुरे उत्तर प्रदेश में अब तक 1 लाख से भी ज्यादा अनाथ हुए बच्चों को योजना का लाभ दिया जा चूका है.
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UP Bal Seva Yojana 2026
एक समय ऐसा था जब पुरे देश-प्रदेश में कोविड-19 महामारी बहुत तेजी से फ़ैल रही थी, जिसके कारण देशभर के लाखो-करोड़ो लोगो की जान चली गई थी. कोविड-19 महामारी के दौरान बहुत से ऐसे बच्चे थे, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई या माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई और अब उनकी देख-रेख के लिए कोई सहारा नहीं है.
ऐसे बच्चो के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की, जिसके तहत कोविड-19 महामारी के संक्रमण से अनाथ हुए बच्चो को हर महीने ₹4,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा, भरण-पोषण और बेहतरीन स्वास्थ्य मिल सके. उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत 30 मई 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा की गई थी.
यूपी बाल सेवा योजना की लेटेस्ट अपडेट
उत्तर प्रदेश में जब मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत हुई तब केवल उन्हीं अनाथ बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाता था, जिन्होंने अपने माता-पिता को कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण से खो दिया था. यानी ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक या दोनों की मृत्यु कोरोना वायरस के कारण हुई थी केवल उन्हीं बच्चो को लाभ दिया जाता था.
साल 2025 में यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को लेकर एक अपडेट जारी किया गया, जिसमे बताया गया कि अब ऐसे अनाथ बच्चो को भी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने अपने माता-पिता को किसी बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण खो दिया है.
कोरोना में अनाथ हुई बेटियों की शादी के लिए सरकार कितनी आर्थिक सहायता देती है?
उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 महामारी या किसी अन्य कारणों से अनाथ हुई बेटियों की शादी के लिए राज्य सरकार एक लाख एक हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करती है.
ध्यान रहे विवाह की तारीख से 90 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है.
यूपी बाल सेवा योजना का लाभ लेने के लिए अनाथ बच्चों के पास कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स/प्रमाणपत्र होने जरूरी है?
- एक पहचान पत्र
- बैंक पासबुक
- निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने का स्व-घोषणा पत्र
- माता-पिता में से किसी एक के जीवित होने पर आय प्रमाणपत्र अनिवार्य है
- माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर आय प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है
- परिवार रजिस्टर नक़ल
- मोबाइल नंबर
- शपथ पत्र
- माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु होने पर उनका मृत्यु प्रमाण पत्र
- माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर दोनों का मृत्यु प्रमाण पत्र
- अनाथ हुए बच्चे का आयु प्रमाण पत्र
- बच्चे की उम्र 6 वर्ष से अधिक है तो शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र
- बच्चे और उसके वर्तमान अभिभावक की नवीनतम पासपोर्ट साइज़ फोटो
कोविड-19 महामारी या किसी अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चो को कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
यूपी सरकार की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों को यूपी सरकार हर महीने ₹4,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करती है. वहीं किसी अन्य कारणों या सामान्य बीमारियों से अनाथ हुए बच्चों को यूपी बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है. इस योजना को गंभीरता से लेते हुए साल 2025-26 में केंद्र सकरार और यूपी सरकार ने मिलकर कुल 1752 करोड़ रुपये का बजट पास किया है.
यूपी बाल सेवा योजना की पात्रता क्या है?
- सबसे पहले आवेदक अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए.
- कोविड-19 महामारी या किसी अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चे.
- माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर आय प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है.
- परिवार की वार्षिक इनकम 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
- एक परिवार के सभी अनाथ बच्चो को यूपी बाल सेवा योजना का लाभ दिया जाएगा.
- बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में आवेदन करने का सही तरीका क्या है?
स्टेप 1: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले इस लिंक mahilakalyan.up.nic.in पर क्लिक करके आवेदन फॉर्म (पेज न. 6) डाउनलोड करेंगे और फिर उसका एक प्रिंटआउट निकाल लेंगे. इसके बाद आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक फिल करेंगे और वर्तमान अभिभावक एवं बच्चे की नवीनतम फोटो लगायेंगे.
स्टेप 2: सभी डिटेल्स भरने के बाद आवेदन फॉर्म के पीछे कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स की छायाप्रति अटैच करेंगे. जैसे कि आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, आय प्रमाणपत्र, शपथ पत्र, परिवार रजिस्टर नक़ल, स्व-घोषणा पत्र, राशन कार्ड, शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र आदि.
स्टेप 3: इतना करने के बाद आपको अपने नजदीकी जिला बाल संरक्षण यूनिट या महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म को जमा कर देना है. इसके बाद आपके आवेदन पत्र का वेरिफिकेशन सम्बंधित अधिकारीयों द्वारा किया जाएगा. वेरिफिकेशन अप्प्रोवे होने के बाद लाभार्थी के बैंक खाते में पैसे आना स्टार्ट हो जाएगा.
यूपी बाल सेवा योजना में आवेदन करने की समय सीमा क्या है?
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव या किसी अन्य कारणों से बच्चे के माता-पिता में से किसी एक की या दोनों की मृत्यु होती है, तो मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ पाने के लिए मृत्यु होने के 2 वर्ष के अन्दर-अन्दर आवेदन करना अनिवार्य है. अगर मृत्यु की तारीख से 2 वर्ष बाद आवेदन किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में यूपी बाल सेवा योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
यूपी बाल सेवा योजना की ऑफिसियल गाइडलाइन और शपथ पत्र
Conclusion
इस आर्टिकल के माध्यम से मैं आप सभी को बहुत ही आसान तरीके से बताया कि, UP Bal Seva Yojana क्या है, किस बच्चे को इसका लाभ मिलेगा, कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी, आवेदन कैसे किया जाता है और किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर आप किसी ऐसे बच्चे को जानते हो, जिसके सिर से माता-पिता का साया उठ गया है तो उसे योजना का लाभ दिलाने में जरूर मदद करें.
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